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खास होगा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तराखंड दौरा, तीन दिन में देंगी कई सौगातें, देखें तैयारियों की ग्राउंड रिपोर्ट

देहरादून राष्ट्रपति निकेतन और तपोवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं.

देहरादून: राज्य स्थापना दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 3 दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आ रही हैं. इस दौरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तराखंड रजत जयंती समारोह के कार्यक्रंम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी. इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन का दौरा भी करेंगी. वे यहां कुछ नवनिर्माणों का लोकार्पण भी करेंगी. ऐसे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर उत्तराखंड में क्या तैयारियां की जा रही है? आइये आपको बताते हैं.

युद्धस्तर पर राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियां: देहरादून राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन में भी इन दिनों तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं. बीते रोज राष्ट्रपति कार्यालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में डॉ. गुप्ता ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियां की समीक्षा की. उन्होंने कहा राष्ट्रपति की परिसंपत्तियों के अंतर्गत देहरादून में बनाए जा रहे राष्ट्रपति तपोवन सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों की डेडलाइन को लेकर सख्त निर्देश दिये गये थे.

राष्ट्रपति के उत्तराखंड राज्य स्थापना से पहले देहरादून के प्रस्तावित दौरे की रूपरेखा के अलावा प्रेजिडेंट एस्टेट के परिसर में संचालित परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की जा रही है. राष्ट्रपति नवम्बर माह के पहले सप्ताह में अपने तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रही हैं. वे पहले दिन हरिद्वार, दूसरे दिन देहरादून में उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेंगी. तीसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नैनीताल जाएंगी.

आम लोगों के लिए खुलेगा राष्ट्रपति हॉर्स राइडिंग एरीना: देहरादून राजपुर रोड पर मौजूद राष्ट्रपति निकेतन परिसर के अंदर हॉर्स राइडिंग एरीना का एक नया डेस्टिनेशन जल्द आम लोगों के खोल दिया जाएगा. उम्मीद है कि राष्ट्रपति इसका लोकार्पण करेंगी. यहां पर आम लोग राष्ट्रपति विशेष सुरक्षा दस्ते में मौजूद घोड़ों की सवारी और देखभाल के तौर-तरीकों का नजदीक से देख पायेंगे. इस एरीना में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड के 6 घोड़े लाए जा रहे हैं. यह घोड़े प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड की गरिमा और परंपरा के गौरवशाली प्रतीक रहे हैं. राजपुर रोड पर मौजूद प्रेसिडेंट एस्टेट के इस पूरी प्रॉपर्टी को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा.

फुटओवर ब्रिज का राष्ट्रपति करेंगी लोकार्पण: वहीं, इन परिसर में सुरक्षित प्रवेश के दृष्टिगत सुगम और सुरक्षित पैदल आवागमन के लिए राजपुर रोड पर उत्तराखंड PWD ने फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया है. ये फुटओवर ब्रिज उत्तराखंड की पारंपरिक पर्वतीय शैली में बनाया गया है. जिसका ईटीवी भारत की टीम ने मौके पर जाकर जायजा लिया. इस फुटओवर ब्रिज पर के दोनों तरफ लिफ्ट की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है. 32 मीटर लंबा तथा चार मीटर चौड़े इस फुट ओवर ब्रिज का निर्माण छः माह के भीतर पूरा किया गया है. राष्ट्रपति सचिवालय के जन संपर्क अधिकारी कुमार समरेश ने बताया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की आगामी प्रस्तावित यात्रा के दौरान नवनिर्मित हॉर्स राइडिंग एरीना और ओवर फुट ब्रिज का लोकार्पण किए जाने की संभावना है.

सैलानियों को भा रहा राष्ट्रपति तपोवन: राष्ट्रपति तपोवन में शहर की आपाधापी से कुछ ही मिनटों की दूरी पर डीप नेचर का लुफ्त ऊठाने पंहुचे कुछ सैलानियों से भी ईटीवी भारत ने बातचीत की. सभी सैलानियों ने एक स्वर में इस जगह की जमकर तारीफ की.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन का 20 जून को लोकार्पण किया था. यह दोनों स्थल पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं. राष्ट्रपति सचिवालय के जन संपर्क अधिकारी कुमार समरेश ने बताया बीते चार माह में राष्ट्रपति निकेतन में 4,753 लोगों ने तथा राष्ट्रपति तपोवन में 15,567 लोगों ने भ्रमण किया. उन्होंने बताया निर्माणधीन राष्ट्रपति उद्यान में प्रतिवर्ष 20 लाख लोगों के आने का अनुमान है.

राष्ट्रपति तपोवन को उत्तराखंड वन विभाग के इको टूरिज्म ने विकसित किया है. आईएफएस अधिकारी प्रसन्ना कुमार पात्रो ने बताया वन विभाग ईको टूरिज्म कॉर्पोरेशन ने इसे एक नेचर पार्क के रूप में विकसित किया है. इस नेचर पार्क में बिना किसी छेड़छाड़ के इस एस्थेटिक बनाने की कोशिश की गई है. उन्होंने बताया राष्ट्रपति तपोवन में आने वाले पर्यटकों के लिए एक फीडबैक रजिस्टर भी रखा गया है. उन्होंने बताया इस पार्क में मौजूद पेड़, पौधों के अलावा सभी प्रकार की वनस्पतियों, जीव जन्तुओं और पक्षियों तक का डेटाबेस तैयार कर उसकी लिस्टिंग कर उन्हें स्टडी पर्पज के लिए संरक्षित किया गया है.

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