दीपक हत्याकांड: ग्राइंडर एप से दोस्ती, दूसरी मुलाकात में वारदात; रोहन को बुलाया घर, करना चाहता था अनैतिक काम
Dehradun Crime News: ग्राइंडर एप का उपयोग विशेष लैंगिक पहचान वाले कई लोग करते हैं। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां उपयोगकर्ता बिना अपनी पूरी पहचान सार्वजनिक किए एक-दूसरे से संपर्क कर सकते हैं। इसी एप पर रोहन और दीपक की दोस्ती हुई और फिर उनका मिलना खूनी वारदात में बदल गया।

पटेलनगर थाना क्षेत्र स्थित देवऋषि एन्क्लेव में कारोबारी दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज वारदात की नई परतें खुल रही हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 48 वर्षीय दीपक गुप्ता और 20 वर्षीय बीकॉम छात्र रोहन प्रजापति की दोस्ती ग्राइंडर एप के जरिये हुई थी। दोनों के बीच यह जान-पहचान महज कुछ दिन पुरानी थी और दूसरी मुलाकात ही खूनी वारदात में बदल गई।
जांच में सामने आया है कि ग्राइंडर एप का उपयोग विशेष लैंगिक पहचान वाले कई लोग करते हैं। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां उपयोगकर्ता बिना अपनी पूरी पहचान सार्वजनिक किए एक-दूसरे से संपर्क कर सकते हैं।
इसी माध्यम से रोहन और दीपक की बातचीत शुरू हुई थी। पूछताछ में आरोपी रोहन ने दावा किया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने और अतिरिक्त कमाई की उम्मीद में दीपक के संपर्क में आया था। पहली मुलाकात सामान्य रही, जिससे दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी।
22 जुलाई की शाम दीपक के बुलावे पर रोहन दूसरी बार उनके घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक दोनों कमरे में अकेले थे। आरोपी का कहना है कि बातचीत के दौरान दीपक ने उस पर अनैतिक कार्य का दबाव बनाया, जिसका उसने विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद और हाथापाई हुई !
इसी दौरान दीपक ने एक चाकू लेकर उसे डराने की कोशिश की। इसी दौरान मारपीट में रोहन ने दीपक से चाकू छीन लिया और उसने दीपक पर गर्दन, चेहरे और पीठ पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण दीपक की मौके पर ही मौत हो गई।
चीख-पुकार सुनकर दीपक का भाई कमरे की ओर दौड़ा तो आरोपी हाथ में चाकू लिए वहीं मौजूद मिला। मुख्य रास्ता बंद होने के कारण वह भाग नहीं सका और पुलिस ने उसे घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। मौके पर पहुंची पुलिस को दीपक का शव नग्न अवस्था में मिला, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस टीमें मामले की जांच कर रही हैं। डिजिटल और फॉरेंसिक जांच में जो साक्ष्य सामने आएंगे आगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


