उत्तराखंड: भाई ने किया दुष्कर्म…डीएनए जांच में सच्चाई आई सामने, छात्रा के गर्भवती होने का मामला आया था सामने
पिथौरागढ़ के कनालीछीना में 10वीं छात्रा और एक किशोरी को गर्भवती करने वाला आरोपी उसका रिश्ते का भाई निकला, जिसकी पुष्टि डीएनए रिपोर्ट में हुई। आरोपी को बाल सुधार गृह अल्मोड़ा भेजा गया।

पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना विकासखंड के एक स्कूल की 10वीं छात्रा और एक गांव की किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाला उसका रिश्ते का भाई निकला। डीएनए जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह अल्मोड़ा भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, इसी मामले में शिक्षक पर भी दुष्कर्म का आरोप है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संबंधित शिक्षक के मोबाइल से छात्राओं के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी मिले थे।
बीते पांच जून को 10वीं कक्षा की छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जब स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी जांच की तो सामने आया कि गर्भपात के बाद अधिक रक्तस्राव होने से उसकी तबीयत बिगड़ गई। छात्रा के नाबालिग होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पूछताछ में छात्रा ने अपने ही स्कूल के शिक्षक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक शिक्षक पर शक और गहराया जब उसके मोबाइल पर छात्राओं की आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिली। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए जंगल से भ्रूण खोज निकाला और डीएनए जांच के लिए सैंपल भेजे गए। शिक्षक और अन्य संदिग्धों के डीएनए की भी जांच की गई।
जब जांच रिपोर्ट आई तो नाबालिग के मृत बच्चे का जैविक पिता उसका रिश्ते का भाई निकला जो नाबालिग है। पुलिस ने उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद बाल सुधार गृह अल्मोड़ा भेजा है।
शिक्षक की भूमिका को भी नहीं नकार रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग से दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के मामले में शिक्षक की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता है। ऐसा इसलिए कि नाबालिग ने प्रारंभिक पूछताछ में शिक्षक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिक्षक के खिलाफ प्रारंभिक जांच हुई तो उसके मोबाइल से उसका पूर्व का तैनाती स्थल चमोली से लेकर पिथौरागढ़ तक कई छात्राओं की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिली। ऐसे में भले ही वह नाबालिग के मृत बच्चे का जैविक पिता नहीं है लेकिन मामले में उसकी भूमिका भी संदिग्ध है।नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके मृत बच्चे के जैविक पिता का पता चला है। उसे बाल सुधार गृह भेजा है। मामले में शिक्षक की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने संबंधित शिक्षक पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उसके मोबाइल पर छात्राओं की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी मिली थीं जिसे साक्ष्य के तौर में सुरक्षित रखा गया है।



